नमस्कार दोस्तों…आप तो जानते ही होंगे कि इस समय पूरे देश में राजनीतिक माहौल काफी अस्त व्यस्त नजर आ रहा है। एक तरफ जहां सभी राजनीतिक पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जूट गई है।

 

तो दूसरी और अब लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अन्य पार्टियों के सभी बडे नेताओं पर लगे आरोपों को सिद्ध करने लगी है।

जिस के कारण से कोंग्रेस के सज्जन कुमार को सिक्ख दंगो का दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई तो अब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे है। तो आइए विस्तार से जानते है कि अखिलेश यादव किस आरोप में फंस सकते है।

आप को जानकारी के लिए बता दें कि अब देश की सीबीआई अचानक एक्टिव हो गई है। और उसने आज ही उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में हुए अवैध खनन मामले में डीएम बी चंद्रकला सहित कई लोगों के घरों पर छापेमारी की।

इस छापेमारी से सीबीआई को हमीरपुर में की गयी अवैध खनन से संबंधित बहुत ही मह्तवपूर्ण जानकारी मिली है।

प्राप्त खबरों के अनुसार बता दें कि सीबीआई ने यह दावा किया है कि अवैध खनन के मामले में इलाहाबाद कोर्ट के आदेश के दरकिनार करते हुए 21 लीज गैरकानूनी तौर से दी गयी थी।

जिसमें से 14 लीज की इजाजत अखिलेश यादव ने दी थी तो बाकी की 7 लीज की इजाजत गायत्री प्रजापति ने दी थी।हालांकि बता दें कि रविवार को एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा था कि वह जांच एजेंसी का सामना करने के लिए तैयार है।

लेकिन 2012 से 2016 के बीच हमीरपुर में की गई अवैध खनन मामले में आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला, सपा विधान पार्षद रमेश कुमार मिश्रा और संजय दीक्षित समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

सीबीआई का कहना है कि 2012-13 में खनन मंत्रालय अखिलेश यादव के पास था और वह यूपी के मुख्यमंत्री भी थी इसलिए इस घटना का दोषी उन्हें ही माना जा रहा है। लेकिन अभी तक इस मामले में अखिलेश यादव ने कोई जवाब नहीं दिया है।

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